World ovarian cancer day

World ovarian cancer day

ओवेरीयन कैन्सर जागरूकता माह


दुनिया में तेज़ी से बढ़ रहे कैन्सर में से कैन्सर का एक प्रकार ओवेरीयन कैन्सर भी है। ओवरी महिलाओं के शरीर का एक बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है लेकिन बहुत कम महिलाएँ ही इसकी सेहत की बारे में सही-सही जान पाती है। 


एक अध्य्य्न के अनुसार ओवेरीयन कैन्सर भारत भारत में कैन्सर का तीसरा प्रकार है। पिछले पाँच वर्षों में कैन्सर का पता चलने के पश्चात केवल 45% महिलाओं की जान बचाई जा सकी है। इसका प्रमुख कारण इस बीमारी का देर से पता चल पाना है। अधिकतर महिलाओं को शुरुआत में बीमारी का पता ही नही चल पाता है, और जब तक पता चलता है तब तक बीमारी एडवांस स्टेज(iiird या  ivth) में पहुँच चुकी होती है।


ओवरी क्या है?


महिलाओं में ओवरी या अंडाशय शरीर का वह हिस्सा है जिससे उसमें प्रजनन क्षमता उत्पन्न होती है। यह गर्भाशय के दोनो तरफ पेट के नीचे के जगह पर होती हैं। महिलाओं में दो अंडाशय होते हैं जो अंडे के साथ एस्ट्रोजेन  प्रोजेस्टेरोन हॉर्मोन बनाते हैं। ओवरी या अंडाशय एक तरल पदार्थ से भरी एक थैलीनुमा आकृति होती है।


ओवेरीयन कैन्सर के लक्षण:-


शुरुआत में ओवेरीयन कैन्सर का मुश्किल से ही कोई लक्षण दिखाई देता है। एडवांस स्टेज में भी बहुत कम लक्षण दिखाई देते हैं।

इस कैन्सर के लक्षणों में मुख्य रूप से पेट दर्द और सूजन, वजन घटना, थकान, पीठ दर्द,पेट की ख़राबी, क़ब्ज़ आदि हैं। अगर इन लक्षणों में से कोई भी  लक्षण 2-3 सप्ताह से अधिक रहता है तो तुरन्त डॉक्टर से सम्पर्क करना चाहिए।


कारण इलाज:-


यह तो स्पष्ट नही किया जा सकता है कि ये बीमारी किस कारण से हो रही है। जिन महिलाओं के परिवार में यदि कैन्सर का इतिहास रहा है तो उन्हें यह कैन्सर होने की सम्भावना अधिक होती है।

एक बार बीमारी पता चलने के बाद सर्जरी या कीमोथेरेपी कराई जा सकती है।